इस दौरान श्रद्धेय सर्वश्री आशुतोष महाराज जी की शिष्या साध्वी गरिमा भारती जी ने बताया कि यूँ तो समाज में आज बहुत से प्रकार के गीत संगीत युवक युवतियों व हर वर्ग के द्वारा सुना जा रहा है। परन्तु वो संगीत शांति व आंनद देने की जगह विलासिता की ओर लेकर जा रहा है।
उन्होंने बताया कि केवल आध्यात्मिक संगीत ही ऐसा संगीत है जिस दिव्य नाद को सुनकर हमारी आत्मा आनंदित होती हैं। 

