

लेकिन इसके विपरीत गुरु हर उस पल में सेवक के समक्ष प्रगट हो कर उसका साथी बनता है जहां उसे जरुरत होती है। स्वामी जी ने बताया की गुरु शिष्य की जरा सी सेवा का आधार लेकर उस पर अनंत कृपा की वर्षा कर देतें है। उसके अंतस में समाए कुविचारों, विकारों व वासनाओं को जड़मूल से नष्ट कर देते हैं। “Hey Sadhko” program was organized at Divya Jyoti Jagrati Sansthan Noormahal Ashram.