इस पावन पर्व का आरंभ भारतीय संस्कृति के अनुसार वैदिक मंत्रों से किया गया। उसके बाद वहाँ उपस्थित सभी संत समाज और दूर दूर से आए सभी श्रद्धालुओं ने अपने हाथों में दीये लेकर श्रद्धा एवं नम भावों से श्री गुरु महाराज जी की पावन आरती की। मंच पर उपस्थित शिष्यों ने भजनों का गायन किया, जिसे श्रवण कर जन-समूह मंत्र मुग्ध हो गया। इसी उपलक्ष्य में साध्वी वैष्णवी भारती जी ने बताया की जहां आज का संसार दिवाली के दिन पटाखे फोड़ता है, वही दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान इंसान को श्री राम से जोड़ता है।
इसी के आधार पर आज की युवा पीढ़ी कोश्री राम जी से जोड़ने के लिए बड़े ही रोचक अंदाज में "राईट एक्शन मैन" एक नृत्य नाटिका प्रस्तुत की गई, जिसे देखकर सारा पंडाल तालियों से गूंज उठा।