
इस कन्या भ्रूण हत्या के कारण समाज में असंतुलन की स्थिति उत्पन्न होती जा रही है। यदि यह असंतुलन समाज में ऐसे ही बढ़ता रहा तो समाज में आपराधिक वृत्तियां भी बढ़ेंगी।
साध्वी जी ने कन्या भ्रूण हत्या के कारण के विषय में बताते हुए कहा कि समाज में कन्या भ्रूण हत्या का प्रमुख कारण लोगों की अज्ञानता है।जिसके कारण लोग सोचते हैं कि एक लड़का ही कुल का नाम रोशन करता है।
परंतु यह सत्य नहीं है।आज इतिहास व वर्तमान समय की ऐसी अनगिनत उदाहरण है जिसमें कुल का नाम बेटों से नहीं बेटियों के नाम से जाना जाता है।साथ ही सामाजिक लोगों के मन में एक और विचार घर कर गया है कि भव पार करने वाला एक लड़का ही होता है।लड़के के कंधे पर चढ़कर ही मोक्ष द्वार को खटखटाया जा सकता है।ऐसे लोगों की अज्ञानता को दूर करने के लिए साध्वी जी ने बताया कि भव पार किसी के कंधे पर चढ़कर नहीं बल्कि अच्छे कर्मों व शुभ आचरण के द्वारा किया जाता है।
अतः सामाजिक लोगों की अज्ञानता से ग्रसित इस मानसिकता को बदलने की आवश्यकता है।इस विकृत मानसिकता को सकारात्मक बनाना होगा।क्योंकि यह विकृत मानसिकता ही पुत्र व पुत्री में भेद करती है।इस विकृत मानसिकता को केवल मात्र बातों से,दंड की डर से नहीं सुधारा जा सकता। उसके लिए अंतरहृदय को प्रकाशित करने वाली भर्गो ज्योति का दर्शन करना होगा। यह भर्गो ज्योति ही मानव की अज्ञानता को दूर कर उसकी रोगग्रस्त मानसिकता को बदल सकती है।