क्या वो माखन चोरी करते थे इसलिए, या बांसुरी बजाते थे इसलिए या महाभारत के युद्ध में हर ओर उन्हीं का चक्कर चल रहा था इसलिए। भगवान श्री कृष्ण जी के जीवन में की गई प्रत्येक लीला उनके पीछे छिपे आध्यात्मिक रहस्यों को तो उजागर करती है, साथ ही उनके बुलंद हौसलों और स्वस्थ सोच को प्रकाशित करती है।
उन्होंने प्रत्येक लीला में यही आदर्श रखा है कि हर परिस्थिति में हौसला और सकारात्मक सोच रखते हुए विजय हासिल करें। लेकिन यह सामर्थ्य उसे केवल आध्यात्मिक ऊर्जा से प्राप्त हो सकता है।
पूर्ण गुरु के माध्यम से जब एक व्यक्ति अपने अंतस की आध्यात्मिक ऊर्जा को जागृत करता है तभी सही मायने में वो श्री कृष्ण जी के तरह जीने की कला को सीख पाता है।