यदि हम सृष्टि में देखें तो हर वस्तु सामूहिक संगठन पसंद करती है । इंसान ही नहीं बल्कि पशु पक्षी जीव जंतु भी टीमवर्क के महत्व को जानते हैं । चीटियां टीम वर्क करती हैं तो अपने से कई गुना भारी वस्तु को एक साथ मिलकर उठा लेती हैं।
सारस नुमा पक्षियों का झुंड भी एक साथ इस तरह पंक्तिबद्ध होकर उड़ते हैं वी शेप में जिससे वह हवा को काटते हैं और ऐसा करने से उनकी गति में 70% बढ़ोतरी हो जाती है और कुछ मील उड़ने वाले पक्षी हजारों मील की यात्रा कर लेते हैं । जब सूर्य की किरणें संगठित होकर धरती पर आती हैं तो अंधेरे की चादर को चीर देती हैं । जब पानी की बूंदे संगठित समूह में बादलों से वर्षा के जल के रूप में बरसती हैं तो पल भर में धरती की प्यास को बुझा देती हैं। तभी कहा भी गया है कि एक हाथ को दूसरे का साथ मिल जाए तो कामयाबी आसान हो जाती है। टीम का मतलब होता है टूगैदर एंपावरिंग टू अचीव मोर। साध्वी जी ने टीमवर्क के महत्व को बहुत ही रचनात्मक ढंग से एक्टिविटीज के माध्यम से सभी को समझाया।