Monthly Bhandara was organized at Divya Jyoti Jagrati Sansthan Noormahal Ashram

लेंकिन जिनके हृदय में अपने गुरू के प्रति अटूट विश्वास होता है कि चाहे कैसी भी परिस्थिति हो उसका गुरू कभी भी उनको अकेला नहीं छोड़ता और यदि कभी ऐसा होता भी है तो गुरू उसके मानसिक और शारीरिक स्तर से सश्क्त